तेजी से घटाना चाहते हैं वजन तो रोज करें यह एक आसान

तेजी से घटाना चाहते हैं वजन तो रोज करें यह एक आसान

शरीर को सुंदर फिट रखने के लिए कभी-कभी कई लोग अपने वजन को कम करते हैं। वजन कम करने के लिए लोग डाइट्स, वर्कआउट, सुबह-सुबह दौड़, योगा और बहुत सी पेट की एक्सरसाइज करते हैं। शरीर की ज्यादातर बीमारियाँ अधिक वजन से ही होती हैं। कहते हैं कि हल्का व्यक्ति चुस्त और फुर्तीला होता है। जिसकी अपेक्षा अधिक वजनदार व्यक्ति का शरीर कम फुर्तीला होता है। जिससे उनका काम करने में भी मन नही लगता। बहुत से लोगों के लिए वजन कम करना एक सपने की तरह हो गया है। लोग मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बहुत सारे उपचार करते हैं,लेकिन असफल रहते हैं। चलिए जानते हैं एक ऐसे ही योग  के बारे में जो आपके वजन को बहुत तेज़ी से कम कर देगा और साथ ही आपके शरीर को स्वस्थ एवं फुर्तीला  बनाएगा।

सूर्यनमस्कार, जी हाँ यह एक ऐसा योगासन है जिससे बहुत ही जल्दी वजन कम किया जा सकता है। आपको प्रतिदिन सूर्यनमस्कार को मात्र 12 बार करना है। चलिए जानते हैं सूर्यनमस्कार के बारे में।

  • सूर्य नमस्कार आसान:

सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। इसी कारण प्राचीन काल में लोग सूर्य की पूजा करते थे।  सूर्य नमस्कार का मतलब है सूर्य को नमन करना। अगर आप योग की शुरुआत कर रहे हैं तो इसके लिए सूर्य नमस्कार का अभ्यास सबसे बेहतर है। इस आसन में किया गया फिजिकल मूवमेंट न केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है बल्कि दिमाग को भी फिट रख सकता है। सूर्य नमस्कार के बारह चरण होते हैं। सूर्य नमस्कार सुबह खाली पेट करना चाहिए। सुबह के समय खुली जगह पर सूर्यनमस्कार करें। जहाँ आपको ताजा हवा मिलती हो।

सूर्य नमस्कार के 12 चरण होते हैं, जिनके बारे में जानना बहुत आवश्यक है।

•     प्रणाम आसन:

सूर्य की तरफ चेहरा करके सीधे खड़े हो जाएँ। अपने दोनों पैरों को मिलाएं रीड की हड्डी बिल्कुल सीधी रखें अपने दोनों हाथों को प्रणाम की मुद्रा में मिलाएँ और सीने के समीप रख लें।

•     हस्तउत्तनासन:

पहली अवस्था में ही बिल्कुल सीधे खड़े होकर अपने हाथों को प्रणाम की मुद्रा में ही अपने सिर के ऊपर उठा कर सीधे रखें अब हाथों को इसी अवस्था में ही पीछे जाएँ कमर को पीछे की ओर झुकाएँ।

•     पादहस्तासन:

इस अवस्था में हाथों को ऊपर उठाएँ और ऐसे ही आगे की ओर नीचे लाने की कोशिश करें। ध्यान रहें कि इस दौरान सांसों को धीरे-धीरे छोड़ना होता है। कमर से नीचे की ओर आगे झुकते हुए हाथों को पैरों के बगल में ले आएं। ध्यान रहे कि इस अवस्था में आने पर पैरों के घुटने मुड़े हुए न हों। और कोशिश करे अपनी नाक घुटने से स्पर्श करने की।

•     अश्व संचालनासन:

नीचे से सीधे उठते हुए सांस लें और बांए पैर को पीछे की ओर ले जाएँ और दांये पैर को घुटने से मोड़ते हुए छाती के दाहिने हिस्से से स्पर्श कराएँ। हाथों की हथेलियों की तरफ से जमीन फैलाकर रखें। ऊपर की ओर देखते हुए गर्दन को पीछे की ओर ले जाएँ।

•     दंडासन:

गहरी सांस लेते हुए दांये पैर को भी पीछे की ओर ले जाएँ और शरीर को एक सीध में रखे और हाथों पर जोर देकर इस अवस्था में रहें।

•     अष्टांग नमस्कार:

अब धीरे-धीरे गहरी सांस लेते हुए घुटनों को जमीन से स्पर्श करते हुये सांस छोड़ें। शरीर के सामने के सभी अंग ठोड़ी, छाती, हाथ, पैर को जमीन पर स्पर्श कराएँ और अपने कूल्हे के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएँ।

•     भुजंगासन:

कोहनी को कमर से सटाते हुए हाथों के पंजे के बल से छाती को ऊपर की ओर उठाएँ। गर्दन को ऊपर की ओर उठाते हुए पीछे की ओर ले जाएँ।

•     अधोमुख शवासन:

इस चरण में कूल्हे को ऊपर की ओर उठाएँ लेकिन पैरों की एड़ी जमीन पर टिका कर रखें। शरीर को V के आकार में बनाएँ।

•     अश्व संचालासन:

अब एक बार फिर से अश्व संचालासन की मुद्रा में आएं लेकिन ध्यान रहें अबकी बार बांये पैर को आगे की ओर रखें।

•     पादहस्तासन:

एक बार फिर से पादहस्तासन की मुद्रा में आये। ध्यान रहे कि इस अवस्था में आने पर पैरों के घुटने मुड़े हुए न हों।

•     प्रणाम आसन:

अंत मे फिर से सूर्य की तरफ चेहरा करके सीधे खड़े हो जाएँ। अपने दोनों पैरों को मिलाएँ रीड की हड्डी बिल्कुल सीधी रखें अपने दोनों हाथों को प्रणाम की मुद्रा में मिलाएँ और सीने के समीप रख ले।

सूर्य नमस्कार के ये 12 चरण हैं जो बहुत महत्वपूर्ण हैं। आप प्रतिदिन सूर्यनमस्कार करके अपना वजन कम कर सकते है।

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